प्रीमियर लीग क्लब ​​मैनचेस्टर यूनाइटेड के लेजेंड रियो फर्डिनैंड ने क्लब के मैनेजर होज़े मोरीनियो द्वारा अपनी स्क्वॉड को दिए जा रहे ट्रीटमेंट पर नाराजगी जाहिर की है। इसके साथ ही उन्होंने क्लब के प्लेयर्स को पब्लिकली खरी-खोटी सुनाने के होज़े के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं।


गौरतलब है कि शनिवार को ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए गेम में यूनाइटेड ने क्रिस्टल पैलेस के खिलाफ स्कोरलेस ड्रॉ खेला था। नतीजतन वह लीग टेबल के टॉप-4 में जगह बनाने की रेस में और पिछड़ गया है। मेट्रो के मुताबिक मोरीनियो ने ल्यूक शॉ, एंथनी मार्सियाल, मार्कस रैशफोर्ड और जेसी लिंगार्ड को पब्लिकली काफी बुरा-भला कहा है।


पुर्तगाली कोच के मुताबिक इन चारों प्लेयर्स में परिपक्वता की कमी है। फर्डिनैंड का मानना है कि मोरीनियो द्वारा अपने प्लेयर्स पर पब्लिकली सवाल उठाना गलत था।

BT स्पोर्ट से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, 'ऐसे कमेंट्स जो प्रेस कॉन्फ्रेंस या फिर इंटरव्यू में आते हैं जैसा कि उन्होंने हाल ही में किया जब उन्होंने क्लब के चार या पांच यंग प्लेयर्स की आलोचना की, कहा कि उनकी मेंटैलिटी सही नहीं है.. ऐसे में आप क्या उम्मीद करते हैं।'


'ऐसे में क्या आप उम्मीद करेंगे कि प्लेयर्स आपके साइड में हों या आप उम्मीद करेंगे कि आपके प्लेयर्स जाएं और कहें, एक मिनट रुकिए, मेरा मैनेजर मुझे पब्लिक में दोबारा से खरी-खोटी सुना रहा है। मुझे नहीं लगता कि एक फुटबॉल मैनेजर के लिए ऐसा करना सही है।'


'मुझे नहीं लगता कि इस तरह के कमेंट्स से आपको कुछ भी हासिल होगा। मुझे नहीं लगता कि यह क्लब के लिए ठीक है। जो होज़े ने कहा हो सकता है कि वह सही हो। वह बंद दरवाजें के पीछे है। वह प्लेयर्स को दिन-रात देखते हैं।'


'हो सकता है कि वह इन 4 या 5 लड़कों को देखे और चले जाएं। पर मुझे लगता है कि बंद दरवाज़ों के पीछे चेंजिंग रूम में प्लेयर्स को टीम के सामने शर्मिंदा करना चाहिए। पब्लिकली ऐसा कर आपको कोई सकारात्मकता नहीं मिलेगी और फैंस को भी यह पसंद नहीं आएगा।'