ताज़ा खबरों के मुताबिक 14 यूथ प्लेयर्स को गैरकानूनी तरीके से साइन करने के लिए प्रीमियर लीग क्लब चेल्सी पर दो साल का ट्रांसफर बैन लग सकता है। साल 2014 में बर्टरैंड ट्राओरे के 18वें बर्थडे से पहले उनकी साइनिंग के खुलासे के बाद फुटबॉल की गवर्निंग बॉडी फीफा यूथ प्लेयर्स के ट्रांसफर को लेकर इंवेस्टिगेशन कर रहा है।


द टाइम्स ने बताया कि फीफा की ईमानदारी और अनुपालन समिति ने सिफारिश की है कि 13 और अपराधों के बाद चेल्सी पर चार ट्रांसफर विंडो के लिए बैन लगा दिया जाए। मेट्रो में छपी खबर के मुताबिक ट्राओरे की साइनिंग के लिए चेल्सी एक साल का ट्रांसफर बैन का सामना करेगा।


इसके अलावा बाकी 13 प्लेयर्स को गैर कानूनी तरीके से साइन करने के लिए प्रीमियर लीग क्लब पर 45,000 पौंड के फाइन के साथ तीन और साल का ट्रांसफर बैन भी लगा है। 

कथित रूप से ऐसा कहा जा रहा है कि फुटबॉल असोसिएशन (FA) में रजिस्टर हुए बगैर ट्राओरे ने अंडर-16 और अंडर-18 लेवल पर चेल्सी के लिए 25 मैच खेले हैं।


8.8 मिलियन पौंड की डील में चेल्सी छोड़कर लिगे 1 साइड ल्यॉन जाने वाले ट्राओरे ने ब्लूज के साथ साढे़ चार साल की डील साइन की थी जबकि 18 साल से कम उम्र के प्लेयर्स को सिर्फ 3 साल की डील साइन करने की अनुमति है। ​चेल्सी का कहना है कि उन लोगों ने कोई नियम नहीं तोड़े हैं।


उन्होंने प्रेस असोसिएशन स्पोर्ट से कहा, 'क्लब ने फीफा के साथ पूरी तरह से सहयोग किया है और लागू फीफा नियमों के अनुपालन का प्रदर्शन करने वाले व्यापक साक्ष्य प्रदान किए हैं। गोपनीय अनुबंध या खिलाड़ी से संबंधित मामलों से संबंधित अटकलों पर हम आगे टिप्पणी नहीं करेंगे।'