फ्रांस नेशनल टीम के कोच दिदिएर देशाम्प यह देखकर काफी हैरान हैं कि उनकी वर्ल्ड कप विनिंग स्क्वॉड में से कोई भी प्लेयर फीफा के बेस्ट मेंस प्लेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट नहीं हुआ है। गौरतलब है कि फ्रांस ने समर के दौरान रूस में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2018 को अपने नाम किया था।


एटलेटिको मैड्रिड के फॉरवर्ड एंटोइन ग्रीज़मन और पेरिस सेंट जर्मेन के स्ट्राइकर किलियन म्बाप्पे फ्रांस के दो शानदार परफॉर्मर्स रहे हैं। इसके बावजूद सोमवार को फीफा ने जब बेस्ट अवॉर्ड के लिए कैडिडेट्स की घोषणा की तो इन दोनों में से किसी भी प्लेयर का नाम उसकी शॉर्ट लिस्ट में नहीं था।

गोल के मुताबकि पुर्तगाल इंटरनेशनल क्रिस्टियानो रोनाल्डो, इजिप्शियन स्टार मोहम्मद सालाह और क्रोएशिया इंटरनेशल लूका मॉड्रिच तीन फाइनलिस्ट के रूप में समाने आए थे। फ्रांस के कोच ने इसपर कोई कमेंट नहीं किया कि इन तीन प्लेयर्स में से कौन बेस्ट अवॉर्ड के लिए डिज़र्विंग कैंडिडेट नहीं है।


बल्कि वह ग्रीज़मन की अचीवमेंट्स को हाईलाइट करने के लिए बेताब थे। बुधवार को एक न्यूज़ कॉन्फ्रेंस का हिस्सा बने दिदिएर ने कहा, 'मैं काफी हैरान हूं। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह अनुचित है क्योंकि इसका मतलब यह होगा कि इस अवॉर्ड की रेस में शामिल होने वाले तीनों प्लेयर्स इसके लायक नहीं होंगे।'


'वे इसे डिज़र्व करते हैं पर मैं जो कह सकता हूं वो ये कि एंटोइन के साथ फ्रांस के कुछ और प्लेयर्स भी इस अवॉर्ड की लिस्ट में शामिल होना डिज़र्व करते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि मुझपर (ब्लाइंड नेशनलिज्म) का आरोप नहीं लगाया जाएगा।'


'पर जब आप इस समर नेशनल टीम और क्लब्स के साथ उनकी अचीवमेंट्स को कंसीडर करेंगे तो आप जान पाएंगे की वे लोग इसे डिज़र्व करते हैं। एंटोइन ने यूरोपा लीग जीती है। हमें इसे मानने की जरूरत है। दुनिया के कोने-कोने से वोट्स आ रहे हैं। मैं उसके साथ-साथ दूसरे प्लेयर्स के लिए हैरान हूं क्योंकि अकेले एंटोइन इस अवॉर्ड को डिज़र्व नहीं करता है।'