रियल मैड्रिड के जर्मन मिडफील्डर टोनी क्रूस का कहना है कि उनके नेशनल टीम-मेट और मैनचेस्टर सिटी स्टार लेरॉय साने अपने गेम को बेहतर करने के लिए सही एटीट्यूड नहीं दिखा रहे हैं।


22 साल के साने को जर्मनी के वर्ल्ड कप स्क्वॉड से बाहर रखा गया था लेकिन फ्रांस के खिलाफ आज होने वाले UEFA चैंपियंस नेशंस लीग मुकाबले के लिए उन्हें स्क्वॉड में शामिल किया गया है।

पिछले सीजन प्रीमियर लीग के यंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर रहे साने को पेप गार्डिओला ने खराब एटीट्यूड के लिए इस सीजन अपनी सिटी स्क्वॉड से ड्रॉप किया था।


और क्रूस ने कहा, "कभी-कभी आपको लगता है कि लेरॉय की बॉडी लैंग्वेज सही नहीं है। उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि हम गेम हार रहे हैं या जीत रहे हैं।


वर्ल्ड-क्लास प्लेयर बनने के लिए उनके पास सारी क्वॉलिटी मौजूद है लेकिन कभी-कभी आपको उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कहना होता है।


उनकी क्वॉलिटी में कोई परेशानी नहीं है। उनके पास लाज़वाब पेस और एक तगड़ा लेफ्ट-फुट है। अगर वह परफॉर्म करते हैं तो वह बेहद घातक साबित होंगे।

शायद नेशनल टीम कोच ने उनके प्रदर्शन को देखा था और वह उनसे खुश नहीं थे। इसलिए उन्हें वर्ल्ड कप से बाहर रखा गया। पिछले सीजन उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था लेकिन पेप गार्डिओला के लिए भी अब यही परेशानी है। वह उनका बेस्ट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।"