'10 साल, प्रिय भाई। 10 साल पहले जब तुमने हमें छोड़ा। उस खालीपन के 10 साल जिसे हम कभी समझ नहीं पाएंगे। 10 साल उस दंड के जो हमेशा हमें भुगतना होगा। 10 साल उस जिंदगी के जो अब कभी वैसी नहीं हो पाएगी।


10 साल उस गेम के जो जीतना तुम डिजर्व करते थे। 10 साल यादों के। 10 साल से करीब ना होने के बावजूद तुम्हें करीब महसूस करने के। 10 साल उन तमाम जीतों के जो हमेशा तुम्हारी रहेंगी। 10 साल शाश्वतता के। हमेशा तुम्हारे साथ, हमेशा हमारे साथ।'  - ये शब्द आज से ठीक एक साल पहले आमतौर पर जीत के लिए कुछ भी करने को तैयार, एक क्रूर विजेता के रूप में चित्रित किए जाने वाले स्पैनिश क्लब ​रियल मैड्रिड के कैप्टन सर्जियो रामोस ने किसी की याद में लिखे थे।

AC Milan v Sevilla - UEFA Super Cup

रामोस ने इन शब्दों के जरिए जिसे याद किया था वह उनके करीबी मित्र एंटोनियो पुएर्ता थे जिनकी आज से 11 साल पहले आज ही के दिन मौत हो गई थी। पुएर्ता और रामोस स्पैनिश क्लब सेविया की अकैडमी के प्रोडक्ट थे। क्लब की अकैडमी में एकसाथ लंबा वक्त बिताने के बाद दोनों ने सीनियर टीम में भी अच्छा वक्त एकसाथ बिताया था।


रामोस जहां राइट बैक खेलते थे वहीं पुएर्ता लेफ्ट बैक पोजिशन पर। पुएर्ता पहली बार लाइमलाइट में आए थे 27 अप्रैल 2006 को जब उन्होंने UEFA कप (अब यूरोपा लीग) सेमीफाइनल में जर्मन क्लब शाल्के के खिलाफ बेहतरीन वॉली के जरिए गोल दागकर सेविया को फाइनल में पहुंचाया था।

मजेदार बात यह है कि पुएर्ता ने उसी साल सेविया के लिए फर्स्ट-टीम डेब्यू किया था। अपने डेब्यू सीजन में ही पुएर्ता ने जो धमाल किया और उसे सीजन दर सीजन बेहतर करते गए।


पुएर्ता की परफॉर्मेंस ने यूरोपियन दिग्गज आर्सनल, मैनचेस्टर यूनाइटेड और रियल मैड्रिड जैसे क्लबों का ध्यान खींचा। हालांकि सेविया ने अपने प्लेयर के लिए हर ऑफर रिजेक्ट कर दिया।

25 अगस्त 2007 को सेविया के 2007-08 सीजन के पहले ला लीगा मैच के 35वें मिनट में पुएर्ता मैदान पर गिर पड़े। गेटाफे के खिलाफ इस मैच के दौरान उन्हें पिच पर ही कार्डियक अटैक आया और वह निढाल होकर वहीं गिर पड़े।

मेडिकल टीम आई और फिर पुएर्ता अपने पैरों पर खड़े होकर ड्रेसिंग रूम तक गए जहां वह एक बार फिर से गिर पड़े। पुएर्ता को तुरंत नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया जहां 28 अगस्त 2007 को मल्टिपल ऑर्गन फेल्योर, सही ना हो सकने वाले ब्रेन डैमेज और दिल संबंधित समस्या के चलते उनकी मौत हो गई।


पुएर्ता की मौत के बाद क्लब ने उनके द्वारा आखिरी दो सीजंस में पहनी गई 16 नंबर की जर्सी को रिटायर करने का फैसला किया। क्लब ने तय किया था कि उनकी मौत के लगभग दो महीने बाद (22 अक्टूबर 2007) को पैदा हुआ उनका बेटा अइतर एंटोनियो अगर चाहेगा तो बड़ा होने के बाद उस जर्सी को रिटायरमेंट से वापस लाकर पहन सकता है।

लेकिन रॉयल स्पैनिश फुटबॉल फेडरेशन के नियमों के मुताबिक हर क्लब अपनी रेगुलर स्क्वॉड के लिए 1 से 25 नंबर तक की जर्सी का प्रयोग करने के लिए बाध्य है।


इस नियम के चलते क्लब उस जर्सी को रिटायर नहीं कर पाया लेकिन तय किया गया कि अब से क्लब की अकैडमी से निकले प्लेयर्स ही उस जर्सी को पहनेंगे।

साल 2016 में विवादास्पद तरीके से अर्जेंटीनी प्लेयर फेडेरिको फाज़ियो ने इस शर्ट को पहना था जबकि 2017 में क्लब में वापसी करने वाले पुएर्ता के क्लोज फ्रेंड हेसुस नवास इस नंबर को पहन रहे हैं।


रामोस ने 2008, 2012 यूरो कप और 2010 में वर्ल्ड कप जीत के बाद अपने दोस्त की याद में टी-शर्ट पहनकर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।

2010 वर्ल्ड कप में हेसुस नवास ने भी इसी तरीके से अपने दोस्त को याद किया था। रामोस ने अपने यहूदी दोस्त पुएर्ता की याद में अपनी बांह में स्टार ऑफ डेविड (यहूदियों का मॉडर्न पहचान चिन्ह) भी बनवा रखा है।


सेविया द्वारा पुएर्ता की याद में साल 2008 से हर साल ट्रोफेओ एंटोनियो पुएर्ता मेमोरियल मैच खेला जा रहा है।


आर्टिकल की फीचर फोटो में पुएर्ता शाल्के के खिलाफ किया गया अपना मशहूर गोल सेलिब्रेट कर रहे हैं।