​इंग्लैंड और टॉटेन्हम के पूर्व स्ट्राइकर जर्मेन जेनस का मानना है कि 2018 का बैलन डे'ऑर अवॉर्ड ​रियल मैड्रिड के लूका मॉड्रिच या चेल्सी के एनगोलो कांटे में से किसी एक को जीतना चाहिए।


जेनस का मानना है कि लंबे समय से क्रिएटिव प्लेयर्स और गोलस्कोरर्स पर फोकस करने के चलते अवॉर्ड की मान्यता पहले जैसी नहीं रही है। आपको बता दें कि पिछले दस साल से यह अवॉर्ड युवेंटस के क्रिस्टियानो रोनाल्डो या बार्सिलोना के लियोनल मेसी जीतते आ रहे हैं।

BT स्पोर्ट के पंडित जेनस ने गोल से बातचीत में कहा, "दूसरे प्लेयर्स को भी बैलन डे'ऑर जीतने का मौका मिलना चाहिए। हम ऐसे एरा में हैं जहां फुटबॉलर्स के प्रति सम्मान खत्म हो चुका है। मेसी और रोनाल्डो की परछाई में दूसरे प्लेयर्स को किनारे कर दिया जा रहा है।


सीजन की शुरूआत से ही हम यह सोचकर चलते हैं कि मेसी और रोनाल्डो में जिसका सीजन बेहतर होगा, उसे यह अवॉर्ड मिलेगा। आंद्रेस इनिएस्ता और ज़ावी हर्नांडेज जैसे प्लेयर्स ने भी यह अवॉर्ड नहीं जीता है। यह पागलपन है।


मेसी और रोनाल्डो के कई शानदार सीजन रहे हैं, लेकिन आपको इनके परे दूसरों को भी देखना होता है। इस साल मॉड्रिच, कुछ साल पहले रिबेरी और श्नाइडर - उन्हें अवॉर्ड जीतने का मौका भी नहीं मिला।

अब कांटे के साथ भी ऐसा ही है। चाहे वह कुछ भी कर लें, उन्हें यह सम्मान कभी नहीं मिलेगा। वर्ल्ड कप जीतने के बावजूद उन्हें यह सम्मान नहीं मिल रहा है। अब सिर्फ पॉपुलैरिटी के कारण यह अवॉर्ड दिया जाता है, बेस्ट प्लेयर को नहीं।"