जर्मनी नेशनल टीम के कोच योआखिम लूव का मानना है कि 2014 वर्ल्ड कप के बाद उनके द्वारा मारियो गोत्ज़े और लियोनल मेसी की तुलना करना इस जर्मन इंटरनेशनल की प्रोग्रेस में बाधक बना है। बता दें कि अटैकिंग मिडफील्डर गोत्ज़े ने अर्जेंटीना के खिलाफ बीते वर्ल्ड कप फाइनल में विनिंग गोल कर अपनी टीम को विजेता बनाया था।


इसके बाद लूव ने गोत्ज़े से कहा था, 'दुनिया को दिखा दो कि तुम मेसी से बेहतर हो सकते हो।' गोल के मुताबिक 2014 में गोत्ज़े की उम्र 22 साल थी और वह अर्जेटीना के खिलाफ स्कोर कर वर्ल्ड कप के तकरीबन 50 साल के इतिहास में फाइनल में गोल करने वाले सबसे यंग प्लेयर बने थे।

यही नहीं इसके अलावा वह ऐसे पहले प्लेयर थे जिन्होंने बतौर सब्सिट्यूट खेलते हुए विनिंग गोल दागा था। उस साल बैलन डे ऑर के लिए शॉर्टलिस्ट होने के बावजूद क्लब लेवल पर बायर्न म्यूनिख के लिए खेल रहे गोत्ज़े की परफॉर्मेंस कुछ खासी इंप्रेसिव नहीं थी।


लगातार क्लब के साथ दो खराब सीजन बिताने के बाद जर्मन इंटरनेशनल को क्लब छोड़ना पड़ा जिसके बाद वह वापस बोरुशिया डॉर्टमंड चले आए जहां पर उनका 2016-17 सीजन मैदान से बाहर ही बीता है। लूव को लगता है कि हो सकता है कि वर्ल्ड कप के बाद उनके द्वारा किए गए कमेंट ने गोत्ज़े की परफॉर्मेंस को नुकसान पहुंचाया है।

Germany v Argentina: 2014 FIFA World Cup Brazil Final

वर्ल्ड कप की सफलता के बाद यंग अटैकर पर उनका इतना प्रेशर डालना सही नहीं था। बर्लिन में चल रहे बिल्ड 100 स्पोर्ट इवेंट में उन्होंने कहा, 'मैंने पब्लिकली गोत्ज़े की तुलना मेसी से कर गलती की है। इससे उसे आने वाले कुछ महीनों में कोई फायदा नहीं हुआ। हो सकता है कि उसके लिए विनिंग गोल स्कोर करना एक बोझ बन गया हो।'


बता दें कि अपनी बीमारी से उबरने के बाद गोत्ज़े ने मौजूदा सीजन में डॉर्टमंड के साथ अपनी फॉर्म को दोबारा पाने की कोशिश की है पर वह अभी तक उस लेवल पर पहुंच पाने में असफल रहे हैं।


उनकी परफॉर्मेंस ने लूव को इतना इंप्रेस नहीं किया कि वह उन्हें रूस में होने वाले वर्ल्ड कप की टीम में शामिल करें। लूव का कहना है कि वह गोत्ज़े को नेशनल टीम में लाने से पहले उन्हें बेहतर खेलते देखना चाहते हैं।