वर्ल्ड कप 2018 की शुरुआत में होने वाले अब एक महीने से भी कम का समय बाकी रह गया है और सभी 32 टीम्स अब रूस में होने वाले महाकुंभ की तैयारियों में जुट गईं हैं।


इस सीरीज में हम नज़र डालेंगे वर्ल्ड कप के टॉप कंटेंडर्स पर और करेंगे उनके स्क्वॉड्स का विश्लेषण...


जर्मनी


कप्तान - मैनुएल नोएर 

मैनेजर -  योआखिम लूव

निकनेम - डाय मानशाफ्ट 

फीफा रैंकिंग - 1


क्वॉलिफिकेशन 

Germany v Azerbaijan - FIFA 2018 World Cup Qualifier

वर्ल्ड कप होल्डर्स जर्मनी को रूस में इस समर होने वाले टूर्नामेंट के लिए क्वॉलिफाई करने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आई। लूव की साइड ने ग्रुप-सी का अंत 100% रिकॉर्ड के साथ किया। 


उन्होंने यूरोपियन क्वॉलिफाइंग में नॉर्थर्न आयरलैंड, चेक रिपब्लिक, नॉर्वे, अज़रबैजान और सैन मरिनो को होम और अवे मुकाबलों में मात दी। 


​उन्होंने अपने कैम्पेन में 43 गोल्स दागे और केवल चार गोल्स कंसीड किए। यह यूरोपियन ग्रुप्स में बेल्जियम के साथ हाईएस्ट गोल्स टैली थी। जर्मनी शुरुआत से ही अपने ग्रुप के कंट्रोल में रही।


उन्होंने अपनी 'बी' स्क्वॉड का इस्तेमाल कंफेडरेशंस कप में किया और टूर्नामेंट जीतकर नई ऊर्जा प्राप्त की। बायर्न के फ्यूचर मिडफील्डर लिओन गोरेत्ज्का ने टूर्नामेंट से खुद को वर्ल्ड स्टेज में इंट्रोड्यूस किया। 


ताकत 

Germany v Azerbaijan - FIFA 2018 World Cup Qualifier

जर्मनी एक बार फिर वर्ल्ड कप में किसी स्टार प्लेयर के बगै जा रही है, जिसका मतलब है कि टीम-स्पिरिट अब भी उनकी सबसे बड़ी ताकत है। जर्मनी की फिलॉस्फी हमेशा से एक ही रही है - व्यक्तिगत टैलेंट्स की तुलना में अच्छे प्लेयर्स का एक मजबूत ग्रुप हमेशा बेहतर रिजल्ट देता है।


यूरोप के बड़े क्लबों के लिए खेलने वाले सभी जर्मन प्लेयर्स नेशनल टीम के हर ट्रेनिंग कैम्प में इन्वॉल्व होते हैं। इससे कोच लूव को अपने प्लेयर्स के साथ स्ट्रेटेजी तैयार करने का पर्याप्त समय मिलता है।


वर्ल्ड फुटबॉल के सबसे बड़े गेम्स में लूव अपने आइडियाज को पिच पर अपने प्लेयर्स के जरिए खूबसूरती से  इम्प्लीमेंट करते हैं। जर्मनी के पास वर्ल्ड का सबसे एडवांस्ड डाटा सिस्टम भी है, जिससे प्लेयर्स अपने हर विरोधी का बारीकी से आंकलन करते हैं।


टीम का अटैक और डिफेंस बेहद मजबूत है और फिजिकल टीमों से निपटने के लिए जर्मनी सेट-पीस टैक्टिस पर विशेष काम करती है। 2014 वर्ल्ड कप में जर्मनी ने किसी भी देश की तुलना में सबसे अधिक पांच गोल्स सेट-पीस से दागे थे।


कमज़ोरी 

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हालांकि जर्मनी व्यक्तिगत प्लेयर्स पर निर्भर नहीं करती, लेकिन इंजरी की वजह से मैनुएल नोएर को खोना उनके लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है। 2014 वर्ल्ड कप में नोएर ने अपनी परफॉरमेंस से गोलकीपिंग पोजीशन की पूरी कायापलट कर दी थी, खासकर अल्जीरिया के ख़िलाफ लास्ट-16 में उनकी परफॉरमेंस अद्भुत थी।


लेकिन बायर्न और जर्मनी के कप्तान ने सितम्बर से एक भी मुकाबला नहीं खेला है। उन्हें उम्मीद होगी कि वह ओपनिंग मैच तक फिट हो जाएंगे, लेकिन उनकी बॉडी और कॉन्फिडेंस पर संदेह बना हुआ है।


बार्सिलोना के मार्क-आंद्रे टेर स्टेगन बैक-अप के रूप में शानदार ऑप्शन हैं, लेकिन नोएर अब भी उनसे ऊपर रैंक करते हैं। गोलकीपर स्पॉट लूव के लिए चिंता का सबब बन सकती है।


स्टार प्लेयर - टोनी क्रूस 

Germany And Adidas Present The New Kit For The 2018 FIFA World Cup Russia

टोनी क्रूस पिछले पांच सालों से जर्मन टीम के सबसे बड़े स्टार रहे हैं। रियल मैड्रिड और बायर्न म्यूनिख के लिए उन्होंने लगातार सात चैंपियंस लीग सेमी-फाइनल्स खेले हैं। 


वह मिडफ़ील्ड को अकेले ही डॉमिनेट करने की क्षमता रखते हैं। उनका बॉल डिस्ट्रीब्यूशन अद्भुत है और वह जर्मनी के गेम के टेम्पो को डिक्टेट करते हैं।


वह बॉक्स के करीब खुद को सही पोसिशंस पर लाकर खूबसूरत गोल्स दागने की भी क्षमता रखते हैं। वर्ल्ड फुटबॉल में उनसे बेहतर मिडफील्डर शायद इस समय कोई नहीं है।


स्क्वॉड 


गोलकीपर्स - मैनुएल नोएर (बायर्न म्यूनिख), मार्क-आंद्रे टेर स्टेगन (बार्सिलोना), बर्न्ड लीनो (बायर लेवरकूसन), केविन ट्रैप (PSG)


डिफेंडर्स - जेरोम बोआटेंग (बायर्न म्यूनिख), मैट्स हमल्स (बायर्न म्यूनिख), निकलस सुले (बायर्न म्यूनिख), मैथायस गिंटर (बोरुशिया मोंचेनग्लाडबाख), योनस हेक्टर (कोलोन), जोशुआ किमिख (बायर्न म्यूनिख), मार्विन प्लेटनहार्डट (हेर्था बर्लिन), एंटोनियो रूडीगर (चेल्सी), जोनाथन टाह (बायर लेवरकूसन)  

मिडफ़ील्डर्स - टोनी क्रूस (रियल मैड्रिड), इल्काए गुंडोवान (मैनचेस्टर सिटी), लिओन गोरेत्ज्का (शाल्के), मेसुत ओज़िल (आर्सनल), सैमी खेदिरा (युवेंटस), यूलियन ड्रैक्सलेर (PSG), सेबस्टियन रूडी (बायर्न म्यूनिख), लेरॉय साने (मैनचेस्टर सिटी)


फॉरवर्ड्स - मारियो गोमेज़ (स्टुटगार्ट), थॉमस मुलर (बायर्न म्यूनिख), नील्स पेटरसन (फ्राइबर्ग), मार्को रोएस (बोरुशिया डॉर्टमंड), टिमो वेर्नर (लाइपज़िग)


नोट: 23 खिलाड़ियों की फाइनल लिस्ट की घोषणा नहीं की गई है।


बेस्ट XI:


जर्मनी (4-2-3-1) - टेर स्टेगन, किमिख, बोआटेंग, हमल्स, हेक्टर, क्रूस, गुंडोवान, मुलर, ओज़िल, साने, वेर्नर 


स्टैट:


जर्मनी का वर्ल्ड कप क्वॉलिफाइंग कैम्पेन - खेले 10, जीते 10, हार 0, ड्रॉ 0

गोल डिफ़रेंस: +39


प्रेडिक्शन 


2000 के दशक में जर्मन फुटबॉल के स्ट्रक्चर में हुए बड़े बदलाव के बाद से जर्मनी वर्ल्ड स्टेज में आसमान छू रही है। जर्मनी अब 2006, 2010 और 2014 के फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप और 2008, 2012 और 2016 की यूरोपियन चैंपियनशिप के सेमी-फाइनल्स में पहुंच चुकी है।

FBL-GERMANY-WC-2018-SQUAD

हालांकि बुंदसलिगा में काफी प्लेयर्स के लिए यह सीजन मुश्किल रहा है। बायर्न म्यूनिख ने टाइटल आसानी से जरूर जीता, लेकिन यूरोप में वे एक बार फिर चूक गए, जिससे कुछ प्लेयर्स का कॉन्फिडेंस थोड़ा कम हुआ है। 


वहीं हाल के टूर्नामेंट्स में डिफेंडिंग चैंपियंस इटली और स्पेन ग्रुप स्टेज से ही नॉक-आउट भी हुए हैं जिससे जर्मनी को बचकर रहना होगा। इसके बावजूद यह जर्मनी टीम अपने सातवें सेमी-फाइनल में पहुंचने की काबिलियत रखती है। फिर वहां से फाइनल का छोटा सा रास्ता थोड़ा किस्मत पर निर्भर करेगा।


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