रियल मैड्रिड के मैनेजर ज़िनेदिन ज़िदान ने जोर देते हुए कहा है कि युवेंटस के खिलाफ चैंपियंस लीग मुकाबले के दौरान विंगर गारेथ बेल को हाफ टाइम में इसलिए सब्सिट्यूट किया गया था क्योंकि वह ज्यादा एनर्जी चाहते थे। सैंटियागो बर्नबेयु में खेले गए दूसरे लेग मकाबले के पहले हाफ में बेल अपनी परफॉर्मेंस के साथ संघर्ष करते दिखे थे।


ब्रेक के दौरान उन्हें मार्को असेंसियो से रिप्लेस किया गया था। युवेंटस ने मैच के पहले हाफ में दो गोल दागकर गेम पर अपनी पकड़ बना ली थी। तीसरा गोल उसने दूसरे हाफ में किया था।

बता दें कि रेफरी माइकल ओलिवर ने अगर अपोनेंट को स्टॉपेज टाइम पेनल्टी न दिया होता तो ​युवेंटस इस मुकाबले को एक्सट्रा टाइम तक धकेलने के लिए ड्राइविंग सीट पर था। पर ऐसा हुआ नहीं। रेफरी द्वारा मिले पेनल्टी का क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पूरा फायदा उठाया और बिना किसी गलती के उसे गोल में तब्दील कर रियल मैड्रिड को सेमी-फाइनल में पहुंचा दिया।


मीडिया से बातचीत के दौरान ज़िदान ने कहा, 'युवेंटस ने एक शानदार प्लान के साथ शानदार गेम खेला था। हमें टीम की शेप को बदलना था और यह गेम की गतिशीलता को बदलता। लुकास वज़्क्वेज़ और मार्को असेंसियो काफी एनर्जी के साथ आए थे। यह होना ही था। पर चीज़े गैरेथ बेल या फिर कैसेमिरो के खिलाफ नहीं थी।' 


बता दें कि रेफरी द्वारा ​रियल मैड्रिड को पेनल्टी दिए जाने पर काफी बवाल हुआ था। युवेंटस के वेटरन स्टॉपर बुफों ने इसका बहुत ही आक्रामक तरीके से विरोध किया था। नतीजतन उन्हें चैंपियंस लीग में अपने करियर का पहला रेड कार्ड भी देखना पड़ा था।