13 जुलाई 2014 का दिन ऐतिहासिक दिन, रियो डी जेनेरियो में उस दिन फुटबॉल जगत में घटने वाली एक महान घटना अचानक एक हादसे में बदल गई। मारिओ गोत्ज़े के एक्स्ट्रा टाइम में किए गए गोल की बदौलत जर्मनी ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली थी और उस दिन मेसी सर्वकालीन महान बनते-बनते रह गए।


इस हार ने क्लब फुटबॉल से इतर मेसी की काबिलियत पर एक विशाल प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया था। फुटबॉल पंडित उन्हें महान फुटबॉलर तो मानते हैं मगर सर्वकालिक महान प्लेयर्स की लिस्ट में शामिल करने से कतराते हैं। सही भी है अपने देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना सैकड़ों क्लब टाइटल से बढ़कर है।

Germany v Argentina: 2014 FIFA World Cup Brazil Final

अगले साल रूस में वर्ल्ड कप फुटबॉल का आयोजन होने वाला है। क्वॉलिफायर में मेसी ने इक्वाडोर के खिलाफ शानदार हैट्रिक जमा अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप का टिकट पहले ही दिला दिया है, मगर ‘बहुत कठिन है डगर पनघट की’। इस बीच पूर्व अर्जेंटीना खिलाड़ी हावियर जे़नेट्टी का बयान आया कि ‘मेसी अकेले दम पर अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप नहीं जिता सकते।'


पर जे़नेट्टी शायद भूल रहे हैं कि 2014 वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना द्वारा किए गए कुल 8 गोल्स में से 4 अकेले मेसी ने किए थे। साथ ही एक गोल असिस्ट भी किया था। इसके अलावा इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 4 ‘मैन ऑफ़ द मैच’ अवॉर्ड्स मेसी ने ही जीते थे। मेसी इस टूर्नामेंट के बेस्ट प्लेयर भी चुने गए थे। जेनेट्टी को यह भी याद रखना चाहिए कि साउथ अमेरिकन वर्ल्ड कप क्वॉलिफाइंग के हाईएस्ट गोल स्कोरर मेसी के इंडिविजुअल परफॉरर्मेंस की बदौलत ही अर्जेंटीना 2018 वर्ल्ड कप में शिरकत कर पा रहा है। साथ ही 2014 कोपा अमेरिका में 5 गोल और 3 असिस्ट के साथ मेसी अर्जेंटीना के लिए बेस्ट इंडिविजुअल परफॉर्मर थे।

Germany v Argentina: 2014 FIFA World Cup Brazil Final

बार्सिलोना में मेसी को हमेशा एक मजबूत मिडफिल्ड मिली है। जाहिर है उनका प्रदर्शन वहां बेहतर रहता है। मगर अर्जेंटीना नेशनल टीम के साथ ऐसा नहीं है। इससे मेसी पर एक्स्ट्रा प्रेशर आ जाता है, पर कई दफा मेसी ने अकेले कई रोल प्ले करते हुए अर्जेंटीना के लिए हैप्पी एंडिंग का क्लाइमेक्स लिखा है।


रूस में होने वाला वर्ल्ड कप मेसी के प्राइड का वर्ल्ड कप होगा। मेसी को सर्वकालिक महान बनाने का वर्ल्ड कप। वैसे तो अर्जेंटीना की टीम में हिग्वाइन, डिबाला, इकार्डी, डी मरिया सहित कई स्टार खिलाड़ी है मगर अर्जेंटीना यह वर्ल्ड कप मेसी के लिए खेलेगा। जैसे 2011 का क्रिकेट वर्ल्ड कप सचिन के लिए खेला गया था।

Germany v Argentina: 2014 FIFA World Cup Brazil Final

मेसी खुद भी जानते हैं कि आगामी वर्ल्ड कप की उनके लिए क्या अहमियत है। इसमें मिली हार उन्हें सर्वकालिक महान बनने की दौड़ से हमेशा के लिए बाहर कर देगी। सिर्फ क्लब फुटबॉल का बादशाह बनकर मेसी पेले और माराडोना की लिस्ट में शामिल नहीं हो सकते। वर्ल्ड कप उनके लिए वह अग्निपरीक्षा है जिसमें पास होकर ही वह अमरत्व प्राप्त कर सकते हैं।

Germany v Argentina: 2014 FIFA World Cup Brazil Final

फुटबॉल टीम गेम है तो जाहिर है कि हर मैच में सभी खिलाडियों का योगदान होना आवश्यक है, मगर इक्वाडोर पर जीत के बाद यह साफ़ हो गया है कि मेसी अपने दम पर भी वर्ल्ड कप जीतने का माद्दा रखते हैं। वह लगातार अकेले मैच जीतने वाले खिलाड़ी हैं, और जिस तरह की बहस उनके अर्जेंटीना टीम में योगदान को लेकर चल रही है, वह आगामी वर्ल्ड कप में अपने पैरों का सबसे बेहतर इस्तेमाल करेंगे, इसकी पूरी गारंटी है।