कैंप नोऊ के पड़ोस में स्थित ला मासिया 'द फॉर्महाउस' को फुटबॉल क्लब बार्सिलोना का जेनरेशन पॉइंट कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी। इसके नाम एक ही कैलेंडर ईयर के तीनों बैलन डी’ऑर फाइनलिस्ट को ट्रेन्ड करने का रिकॉर्ड है। 1957 से बार्सिलोना के साथ-साथ विश्व फुटबॉल के कुछ सबसे बेहतरीन फुटबॉलर्स ने भी यहीं से ट्रेनिंग ली है।


‘टोटल फुटबॉल’ की फिलॉसफी के साथ ट्रेनिंग देने वाले ला मासिया के ग्रेजुएट्स ने हमेशा ही फुटबॉल जगत पर राज किया है। यहां से ट्रेनिंग लेकर निकले फुटबॉलर फुटबॉल की सभी कलाओं में माहिर होते हैं। अगर फुटबॉल क्लब बार्सिलोना के महान फुटबॉलरों की बात करें तो ला मासिया का महत्व खुद समझ आ जाता है।


2010 वर्ल्ड कप फाइनल जीतने वाली स्पेन की नेशनल फुटबॉल टीम के कुल 9 ख़िलाड़ी ला मासिया से ही निकले थे। इनमें से 7 बार्सिलोना टीम के भी रेगुलर मेंबर थे। स्पेन के तात्कालीन कोच ने इस जीत के बाद कहा था कि ‘यह बार्सिलोना स्टाइल का ही असर है जो कि अजेय है।’

Spain's players hold the trophy during t

पेप गार्डिओला का बार्सिलोना एक तरह से मिनी ला मासिया ही था। पेप का कार्यकाल ला मासिया के ग्रेजुएट्स का स्वर्णिम काल था, मगर पिछले कुछ सालों में ला मासिया की उपयोगिता नगण्य हो गई है। वर्ल्ड फेमस 'द फॉर्महाउस' अब बार्सिलोना के लिए चैम्पियंस पैदा करने में पूरी तरह से फेल दिख रहा। बीते वर्षों में ला मासिया से पलायन करने वाले यंग प्लेयर्स की तादाद लगातार बढ़ी है। क्या यह ला मासिया का पतन काल है?


ला मासिया की विफलता का सीधा असर बार्सिलोना पर देखा जा सकता है। इसके लिए बहुत हद तक मैनेजमेंट भी जिम्मेदार है। बीते वर्षों में मैनेजमेंट ने हाई पेड एवरेज बाहरी खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसा करना शुरू कर दिया है। स्किल्स से इतर स्ट्रेंग्थ पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

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इसके लिए लुइस इनरीके के कार्यकाल को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। बार्सिलोना द फॉर्महाउस के यंग प्लेयर्स को चांस तक देने से कतरा रही है। ऐसे में जहां ला मासिया की रेप्युटेशन ख़त्म हो रहा वहीं वह फुटबॉलर्स की अगली पीढ़ी तैयार करने में नाकाम हो रही है।


आज भी मैनेजमेंट द्वारा ला मासिया को इग्नोर करने का रवैया बदस्तूर जारी है। नेमार के जाने के बाद हर विदेशी क्लबों में खिलाड़ियों की खोज की जा रही है। इसको छोड़ मैनेजमेंट ला मासिया की ओर क्यों नहीं देख रहा है? क्या वे भूल चुके हैं कि बार्सिलोना, ला मासिया से निकले खिलाड़ियों की वजह से ही पिछले दशक की लगभग अजेय टीम रही है? उन्हें अपनी मिडफ़ील्ड और नेमार का विकल्प घर के अन्दर ढूंढने में क्या परेशानी हो रही है?


पिछले कुछ दिनों से बार्सिलोना के पर्याय मेसी के क्लब छोड़ने की भी बात चल रही है। अगर ऐसा हुआ तो बार्सिलोना क्या बिलियन डॉलर्स खर्च कर भी उनका विकल्प ढूंढ पाएगी? क्या उनकी मिडफ़ील्ड में कोई दूसरा ज़ावी और इनिएस्ता कभी एकसाथ खेलते हुए नजर आएंगे? क्या बार्सिलोना बाहरी हाई पेड खिलाड़ियों के दम पर फिर से अजेय बन पाएगी?

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ट्रांसफॉर्मेशन हमेशा ही समय लेता है। जितने बेहतरीन फुटबॉलर ला मसिया प्रोड्यूस करेगी बार्सिलोना उतनी ही मजबूत होगी। बार्सिलोना की महानता विदेशी खिलाडियों से नहीं, अपने फॉर्महाउस के होनहारों से ही संभव हो सकी है और आगे भी ऐसा ही होगा।


इसलिए बार्सिलोना मैनेजमेंट को चाहिए कि दूसरे के घरों में झांकने की जगह अपने घर के बच्चों को ट्रेंड करने में पैसा और एनर्जी खर्च करे। अभी उनके पास मेसी है।. जब तक वह हैं अपनी टीम बना लें। नहीं तो कहीं ऐसा ना हो कि बार्सिलोना की महानता महज एक मिथक बनकर रह जाए।