इंडियन सुपर लीग (ISL) के चौथे सीजन के लिए कल 10 टीमों नें ड्राफ्ट के द्वारा 154 खिलाड़ियों को साइन किया। अगर 2014 में हुए पहले सीजन से प्लेयर्स की सैलरी की तुलना करें तो इस बार इंडियन प्लेयर्स की सैलरी में 103 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है।


इस बार दसों टीमों नें 156 खिलाड़ियों को साइन करने के लिए कुल 48.85 करोड़ रूपए खर्च किए हैं। ISL 2014 में जब इंडियन फुटबॉल का पहला ड़्राफ्ट हुआ था तो 8 टीमों नें कुल 24 करोड़ रूपए ही खर्च किए थे।


कल के ड्राफ्ट में अनस और लिंगदोह सबसे मंहगे खिलाड़ी रहे। टूर्नामेंट में पहली बार भाग ले रही जमशेदपुर ने अनस को 1.1 करोड़ देकर साइन किया। एटलेटिको डी कोलकाता ने लिंगदोह को 1.1 करोड़ में अपने साथ जोड़ा।


ISL का चौथा सीजन साल के आखिर में 17 नवंबर से शुरू होगा जिसमें भारत के 29 में से 25 इंटरनेशनल खिलाड़ी भाग लेंगे जिनमें सुपरस्टार सुनील छेत्री, जेजे, यूजेनसेन, जैकीचंद, संदेश, प्रीतम, सुब्रता पॉल और जयेश जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं।

यह सभी खिलाड़ी 5 महीनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में अपनी- अपनी टीमों के लिए जोर लगाते दिखेंगे। इंडियन प्लेयर ड्राफ्ट के शुरू होने से पहले टीमों को अपने कुछ खिलाड़ी रिटेन करने के लिए 7 जुलाई की डेडलाइन दी गई थी। सभी क्लबों ने कुल मिलाकर 11.51 करोड़ रूपए खर्च किए और कुल 22 खिलाड़ियों को रिटेन किया।


ड्राफ्ट में सभी टीमें इंडियन प्लेयर के कोटे को पूरा करती नजर आईं जो कि कम से कम 15 और ज्यादा से ज्यादा 18 खिलाड़ियों का है। दिन के खत्म होने तक इंडिया के 134 टैलेंटेड खिलाड़ी 10 क्लबों द्वारा 37.33 करोड़ की कंबाइन्ड सैलरी पर साइन किए गए।


ISL के फाइनल में 2 बार जगह बना चुकी सचिन तेंदुलकर की ओनरशिप वाली टीम केरला ब्लास्टर्स ने युवा कॉलेज खिलाड़ी अजीत सिवान को कांट्रैक्ट दिया। अजीथ RFYS टूर्नामेंट में केरल के अपने निर्मला कालेज के लिए खेलते हुए पहली बार सबकी नजर में आए थे।


बेंग्लुरू FC ने इंडियन प्लेयर्स पर सबसे ज्यादा 6.01 करोड़ रूपए खर्च किए और कुल 17 खिलाड़ियों को साइन किया उसके बाद केरला नें 16 खिलाड़ियों पर 5.93 करोड़ खर्च किए।


अब जबकि क्लबों नें इंडियन प्लेयर्स खरीद लिए हैं वे विदेशी खिलाड़ियों को लेकर अपनी टीम को और ज्यादा मजबूत करेंगे। प्रत्येक टीम मैक्सिमम 8 और मिनिमम 7 विदेशी खिलाड़ी साइन कर सकती है।