मोहम्मद सालाह को साइन करने के बाद लिवरपूल के मैनेजर यर्गन क्लौप्प की नज़रें अब आर्सनल के मिडफील्डर एलेक्स ओक्सलेड-चेम्बर्लेन को एनफील्ड लाने पर हैं।


मिरर की रिपोर्ट के अनुसार क्लौप्प इंग्लिश इंटरनेशनल एलेक्स ऑक्सलेड-चेम्बर्लेन के खेल के बड़े प्रशंसक हैं और उनके लिए 30 मिलियन पौंड की बिड लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

क्लौप्प अपनी टीम में सालाह को लाने के बाद मिडफ़ील्ड में भी एक तेज़-तर्रार खिलाड़ी लाने की कोशिश कर रहे हैं और जर्मन कोच का मानना है कि ऑक्सलेड-चेम्बर्लेन इस भूमिका को अच्छी तरह से निभा सकते हैं।


क्लौप्प की मिडफ़ील्ड पोजीशन में पहली पसंद जर्मन क्लब लीपज़िग के मिडफील्डर नैबी कीता थे, लेकिन उनके ऊपर लगे 50 मिलियन पौंड के प्राइस टैग और उनके CEO द्वारा भी कीता को न बेचने के निर्णय के कारण क्लौप्प अब अपना पूरा ध्यान ऑक्सलेड-चेम्बर्लेन को लाने में लगाना चाहते हैं।


आर्सनल ने अपने मिडफील्डर एलेक्स ऑक्सलेड-चेम्बर्लेन को अभी तक नया कॉन्ट्रैक्ट ऑफर नहीं दिया है, जिसकी वजह से वह फ्रस्टेट हो चुके हैं और क्लब छोड़ने का मन बना रहे हैं।


साउथैम्पटन से 2011 में 12 मिलियन पौंड की डील में आए एलेक्स ऑक्सलेड-चेम्बर्लेन के आर्सनल के साथ कॉन्ट्रैक्ट में महज 12 महीने बचे हैं और चैंपियंस लीग फुटबॉल न होने के कारण वे लिवरपूल मूव करने की सोच रहे हैं।


वहीं एनफील्ड जाने पर वे इसलिए भी विचार कर रहे हैं क्योंकि पिछले सीजन वेंगर ने उन्हें अलग-अलग पोजीशन पर खिलाया था, जिसकी वजह से वे फर्स्ट टीम में अपना स्पॉट बुक नहीं कर पाएं हैं।

ऑक्सलेड-चेम्बर्लेन मिडफ़ील्ड में खेलना पसंद करते हैं और फ्रांस के खिलाफ फ्रेंडली में उन्होंने इंग्लैंड के लिए मिडफ़ील्ड में ही स्टार्ट किया था। 2018 वर्ल्ड कप को मद्देनज़र रखते हुए ऑक्सलेड-चेम्बर्लेन ज्यादा से ज्यादा गेमटाइम मिडफ़ील्ड में चाहते हैं, ताकि वे इंग्लैंड की टीम में अपनी जगह पुख्ता कर पाएं।


हालांकि आर्सनल दो मैन की मिडफ़ील्ड के साथ उतरता है और रामजी और ज़्हाका के होने से ऑक्सलेड-चेम्बर्लेन जानते हैं कि उन्हें मिडफ़ील्ड में चांस नहीं मिलेगा। वहीं क्लोप्प की थ्री मैन मिडफ़ील्ड का वे अहम हिस्सा हो सकते हैं, जिसके वजह से लिवरपूल मूव उन्हें लुभाता है।