बीती रात खेले गए चैंपियंस लीग ग्रुप C के गेम में फ्रेंच क्लब पेरिस सेंट जर्मेन से मिली 2-1 की हार के बाद लिवरपूल के मैनेजर यर्गन क्लौप्प ने नेमार और उनके टीममेट्स की आलोचना की है। गौरतलब है कि इस गेम में नेमार ने निर्णायक गोल किया था जिसने फ्रेंच क्लब को रेड्स पर जीत दिलाई है।


इस हार के बाद रेड्स को चैंपियंस लीग के लास्ट-16 में जगह बनाने के लिए नापोली को हराना होगा। फोर फोर टू के मुताबिक इस मैच में रेफरी ने लिवरपूल के 6 प्लेयर्स को यलो कार्ड दिखाया था।


इस बीच होस्ट टीम के मिडफील्डर मार्को वेराट्टी किस्मत वाले रहे जो अपोनेंट प्लेयर जो गोमेज़ पर खराब चैलेंज के बाद भी उन्हें येलो कार्ड के अलावा और कोई सज़ा नहीं मिली। अधिकारियों ने इस घटना के बाद लिवरपूल को एक पेनल्टी दी थी जिसे जेम्स मिल्नर गोल में तब्दील करने में सफल रहे।

बता दें कि फ्रेंच क्लब द्वारा चैंपियंस लीग के ग्रुप स्टेज से ही एलिमिनेशन के कगार पर खड़े किए जाने के बाद ​लिवरपूल मैनेजर अपनी फ्रस्ट्रेशन को पब्लिक करने से खुद को नहीं रोक सके। पोस्ट मैच उन्होंने कहा, 'मुझे हमेशा लगा कि यह गेम अभी भी खुला है और अगर हम एक गोल स्कोर करेंगे तब हम दोबारा से इस गेम में वापसी आ जाएंगे।'


'मुझे नहीं पता कि किसने रेफरी को कंविंस किया था। मैं जानता था कि अब मेन हेडलाइन होगी कि 'क्लौप्प ने कहा' पर इस गेम में आई कई सारी बाधाएं सही नहीं थी। मैंने कुछ दफा, लगातार दो बार कहा कि हमने इंग्लैंड में फेयर प्ले अवॉर्ड जीता है।'


'और आज रात हमें जो येलो कार्ड्स मिले थे उसके बाद हम कसाई की तरह दिखेंगे। यह अपोनेंट की चालाकी थी खासकर नेमार की पर कई सारे प्लेयर्स को येलो कार्ड मिला जो कि वाकई ऐसा लगा कि कुछ सीरियस था। हम अब शांत नहीं थे।'


'हम अग्रेसिव हो गए और दुर्भाग्यवश नकारात्मक अग्रेशन फुटबॉल में मदद नहीं करता है। हम निराश और क्रोधित  हो गए। पर हमें इससे डील करना था क्योंकि यही हमारा काम है। अगर रेफरी ऐसा होने देता तब हमें इससे डील करना होता है।'