मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व मैनेजर डेविड मोएस ने कहा है कि रियल मैड्रिड के मिडफील्डर टोनी क्रूस ने साल 2014 में बर्नबेयु मूव करने से पहले ओल्ड ट्रैफर्ड आने पर सहमति बना ली थी। गौरतलब है कि यूनाइटेड के मशहूर मैनेजर सर एलेक्स फर्ग्युसन की रिटायरमेंट के बाद मोएस 2013-14 सीजन के लिए रेड डेविल्स के मैनेजर बने थे।


उस सीजन प्रीमियर लीग में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने सातवें पोज़ीशन पर अपना कैंपेन खत्म किया था। गोल के मुताबिक मोएस ने खुलासा किया है कि रेड डेविल्स दुनिया के बेस्ट मिडफील्डर्स में से एक को ओल्ड ट्रैफर्ड लाने के काफी करीब थे।

पूर्व एवर्टन मैनेजर का कहना है कि क्रूस ने उनसे डायरेक्टली कहा था कि वह 2014 के समर के दौरान ओल्ड ट्रैफर्ड आ रहे थे। टॉकस्पोर्ट से बातचीत के दौरान मोएस ने कहा, 'टोनी क्रूस ने मेरे साथ मैनचेस्टर यूनाइटेड आने के लिए सहमति जताई थी।'


'मैं क्रूस और उसकी पत्नी से मिला था और हम सहमत हो गए थे जब वह ​बायर्न म्यूनिख में था। पर ऐसा केवल सीजन के अंत में हो पाता। उससे पहले क्रूस ने ​रियल मैड्रिड जॉइन कर लिया।'


बता दें कि मोएस रेड डेविल्स में सीजन के अंत तक टिक नहीं पाए क्योंकि उन्हें अप्रैल के अंत में ही सैक कर दिया गया था। यूनाइटेड में उनकी जगह रयान गिग्स ने बतौर केयरटेकर कोच ली थी।


मोएस के बाद यूनाइटेड की कमान संभालने वाले लुइस वान हाल ने 2014 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड्स को तीसरी पोज़ीशन पर फिनिश कराया था जबकि क्रूस बार्यन और जर्मनी नेशनल टीम के साथ चैंपियन बने थे। इसके बाद  उन्होंने 25 मिलियन यूरो की एक डील में रियल मैड्रिड जॉइन किया था।