रियल मैड्रिड के कैप्टन सर्जियो रामोस ने अपने ऊपर लगे एंटी डोपिंग नियमों को तोड़ने के आरोपों को खारिज़ किया है। उन्होंने कहा है कि जर्मन पब्लिकेशन डेर स्पीगल द्वारा जारी किए दावे उनकी छवि और प्रोफेशनल करियर को खराब करने की एक कोशिश है।


गौरतलब है कि डेर स्पीगल ने फुटबॉल लीक्स की इंवेस्टिगेशन को लेकर कई सारे दावे किए हैं जो कहते हैं कि स्पेन इंटरनेशनल रामोस ने दो बार एंटी डोपिंग प्रोटोकॉल को तोड़ा है।


डेर स्पीगल की रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार रामोस ने बीते साल ​युवेंटस के खिलाफ खेले गए चैंपियंस लीग के फाइनल गेम के दौरान एंटी डोपिंग नियमों को तोड़ा था। इस दौरान उनके यूरिन सैंपल में डेक्सामीथासोन पाया गया था जो एक बैन पदार्थ है।

दूसरी दफा अप्रैल 2018 में मलागा के खिलाफ खेले गए ला लीगा गेम में रामोस ने जानबूझकर एंटो डोपिंग प्रोटोकॉल्स को तोड़ा था। इस ख़बर के खुलासे के तुरंत बाद ही ​रियल मैड्रिड ने शुक्रवार को एक स्टेटमेंट जारी किया था जो कहता है, 'सर्जियो रामोस ने कभी एंटी डोपिंग कंट्रोल नियमों को नहीं तोड़ा है।'


फोर फोर टू के मुताबिक अइबर के खिलाफ खेले गए गेम के बाद रामोस ने भी अपने ऊपर लगे इस इल्ज़ाम का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने कहा, 'यह एक बहुत ही मुश्किल और पेचीदा मुद्दा है। मुझे इससे बाहर आना और अपने ऊपर लगे आरोपों के खिलाफ खुद को अपनी लीगल टीम के साथ डिफेंड करना चाहिए।'


'मैं अपने करियर के दौरान 250 या 300 डोपिंग टेस्ट से गुज़र चुका हूं और मैं उसमें कभी भी फेल नहीं हुआ। इस मामले में कोई अनियमितता नहीं रही है। डेर स्पीगल किस तरह का पब्लिकेशन है हम सब जानते हैं।'


'उसने हमें डेढ़ महीने पहले एक ख़बर से डराया था। जब आप सच जानते हैं तब आप झूठों से नहीं डरते हैं। यह केवल मेरी छवि और मेरे प्रोफेशनल करियर को खराब करने की कोशिश है।'