ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से अलग होने का प्रभाव अब प्रीमियर लीग पर भी पड़ता दिख रहा है। ब्रेग्जिट के चलते प्रीमियर लीग के 35 प्लेयर्स और 47 अन्य लोग जिनमें ब्रिटिश लोवर लीग्स के प्लेयर्स, कोच, बैकरूम स्टाफ और एग्जिक्यूटिव्स शामिल हैं, के करियर पर संकट मंडरा रहा है।


इंग्लैंड में खेल रहे कुल 45 स्पैनिश प्लेयर्स में से 35 प्लेयर 17 अलग-अलग प्रीमियर लीग क्लबों के लिए खेलते हैं जबकि बाकी के 10 चैंपियनशिप क्लबों के लिए। प्रीमियर लीग में चेल्सी के पास सबसे ज्यादा छह स्पैनिश प्लेयर्स, केपा अरिज़बलागा, मार्कोस अलोंसो, सेजार एज़्प्लिक्वेटा, सेस्क फैब्रेगास, पेड्रो और अल्वारो मोराटा हैं।


प्लेयर्स के इतर बात करें तो मैनचेस्टर सिटी के पास सबसे ज्यादा स्पैनिश स्टाफ है। इसमें कोचिंग, बैकरूम और एग्जिक्यूटिव स्टाफ शामिल है।

मैनचेस्टर सिटी के मैनेजर पेप गार्डिओला के साथ रोडोल्फो बोरेल और मिकेल अर्टेटा (कोचिंग असिस्टेंट्स), ज़ेबियर मनचिसिडोर (गोलकीपिंग कोच), लोरेंज़ो बुनवेंचुरा (फिटनेस कोच), कार्लेस प्लांचार्ट (एनालिस्ट) टिक्सिकी बेगिरिस्तान (स्पोर्टिंग डायरेक्शन), फेरान सोरियानो (CEO), एडु मारी (डॉक्टर), एडुआर्डो अल्वारेज़ (फिजियोथेरिपिस्ट) और मानेल एस्टिआर्टे (गार्डिओला के पर्सनल असिस्टेंट) स्पैनिश हैं।


गार्डिओला के साथ प्रीमियर लीग में कुछ अन्य स्पैनिश कोच भी हैं जिनमें उनाइ एमरी (आर्सनल), राफा बेनिटेज़ (न्यूकासल) और हावियर गार्सिया (वॉटफोर्ड) शामिल हैं।


एमरी के बैकरूम स्टाफ में पांच, बेनिटेज़ की टीम में दो और गार्सिया की टीम में एक स्पैनिश नागरिक है। स्पैनिश बैकरूम स्टाफ रखने वालों में मॉरिसियो पोचेटिनो और मैनुअल पेलेग्रिनी भी शामिल हैं। टॉटेन्हम, वेस्ट हैम और फुलहम के साथ दो-दो जबकि लिवरपूल, मैनचेस्टर यूनाइटेड, चेल्सी के पास एक-एक स्पैनिश स्टाफ है।