पूर्व जर्मनी इंटरनेशनल हैंस पीटर ब्रीगेल का मानना है कि जर्मन फुटबॉल में आई क्राइसिस की जिम्मेदार मैनचेस्टर सिटी के कोच पेप गार्डिओला की फुटबॉल फिलॉसफी है। गौरतलब है कि रूस में खेले गए फीफा 2018 वर्ल्ड कप में जर्मनी की टीम पहले स्टेज से ही बाहर हो गई थी।


स्पैनिश आउटलेट मार्का के मुताबिक इस टूर्नामेंट में जर्मन टीम कभी भी संतोषजनक नहीं दिखी और लगातार  संघर्ष करते हुए वे टूर्नामेंट के शुरुआती स्टेज से ही बाहर हो गए थे। मीडिया से बातचीत के दौरान ब्रीगेल ने कहा, 'यह पेप गार्डिओला की गलती है। उसने हमें यह कहकर धोखा दिया कि 75 परसेंट पज़ेशन रखकर आसानी से जीत दर्ज की जा सकती है।'

'यह मामला नहीं है। फुटबॉल में परिणाम खेल को नियंत्रित करने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। जीतने के लिए बॉल का होना पर्याप्त नहीं है और फ्रांस नेशनल टीम ने रूस में खेले गए फीफा 2018 वर्ल्ड कप को जीतकर इसका साफ इशारा दिया है। आप फुटबॉल के खेल के ट्रेडिशनल स्टाइल में वापसी कर भी इस गेम को जीत सकते हैं। फुटबॉल की गुणवत्ता नहीं बल्कि उसका संतुलन ज्यादा महत्वपूर्ण है।'


बता दें कि ब्रीगेल ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा है कि उन्हें लगता है कि जर्मनी नेशनल टीम संक्रमणकालीन अवधि से गुज़र रही थी। बता दें कि ब्राज़ील में खेले गए फीफा 2014 वर्ल्ड कप में जर्मनी वर्ल्ड चैंपियन बना था।


अपने सब्सिट्यूट मारियो गोत्ज़े के आखिरी मिनट गोल के दम पर उसने अपने अपोनेंट अर्जेंटीना को 1-0 से मात दी थी। जर्मनी की इस परफॉर्मेंस को मद्देनज़र रखते हुए डिफेंडिंग चैंपियन इस बार भी फेवरेट्स थे लेकिन उन्होंने अपने चाहने वालों को पूरी तरह से निराश किआ