FT: इंग्लैंड (रैशफोर्ड 11') 1-2 स्पेन (साउल 13', रॉड्रिगो 32')


वेम्ब्ले में बीती रात खेले गए UEFA नेशंस लीग के महत्वपूर्ण मुकाबले में स्पेन ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को उनके ही घर में 1-2 से धूल चटाकर लुइस एनरीके एरा की विजयी शुरुआत की।


1. वर्ल्ड कप सेमी-फाइनलिस्ट इंग्लैंड को स्पेन ने किया पस्त 

England v Spain - UEFA Nations League A

स्पेन ने साउल निगुएज़ के गोल की मदद से मार्कस रैशफोर्ड के ओपनिंग गोल को कैंसिल किया और रॉड्रिगो की स्ट्राइक से UEFA नेशंस लीग मुकाबले में 2-1 की जीत दर्ज की। रूस 2018 के सेमी-फाइनल्स में पहुंचने वाली इंग्लैंड को मुकाबले में काफी संघर्ष करना पड़ा और लुइस एनरीके की साइड ने लम्बे पीरियड्स तक गेम को डॉमिनेट करने के बाद इंग्लिश धरती पर 2007 के बाद अपनी पहली जीत दर्ज की।


गेम के पहले इंग्लैंड कोच गारेथ साउथगेट ने चेतावनी दी थी कि उनकी टीम को इंटरनेशनल स्टेज में खुद को अब भी साबित करना है और इस मुश्किल मुकाबले में उनकी भविष्यवाणी सच हुई। रैश्फोर्ड के शुरुआती गोल से लगा था कि इंग्लैंड नया इतिहास लिखने के लिए तैयार है लेकिन दो मिनट बाद ही साउल ने स्पेन को बराबरी दिलाई और हाफ ऑवर-मार्क तक रॉड्रिगो की मदद से ला रोहा ने बढ़त बनाई।


इंग्लैंड ने रैशफोर्ड के गोल में असिस्ट देने वाले ल्यूक शॉ को दूसरे हाफ में दानी कार्वाहाल के साथ हुई गंभीर टक्कर में खोया और यूनाइटेड डिफेंडर को स्ट्रेचर पर मैदान के बाहर ले जाया गया। स्पेन ने गेम में अपनी पकड़ बनाई हुई थी। हालांकि इंग्लैंड ने मैच के अंतिम स्टेज में मेहमान टीम को जमकर टेस्ट किया और डैन्नी वेलबैक द्वारा बॉल को नेट में डालने के बावजूद डे हेया पर हुए फ़ाउल के चलते गोल को नहीं माना गया और स्पेन ने नेशंस लीग की  विजयी शुरुआत की।


2. स्पेन के नए बॉस के रूप में लुइस एनरीके ने किया प्रभावित 

FBL-NATIONS-ENG-ESP

लुइस एनरीके ने 2015 में पेप के बार्सिलोना के जाने के बाद बार्सिलोना को ट्रेबल जिताया था और 48 साल के कोच  अपनी टीम को उनके पोटेंशियल के अनुसार खिलाना अच्छी तरह जानते हैं। ला रोहा के साथ भी उनके सामने बार्सिलोना जैसी ही चुनौती है। रूस से वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ़-16 में पेनल्टी शूट-आउट में हारकर बाहर होने के बाद स्पेन के मल्टी-टैलेंटेड स्क्वॉड को सही दिशा दिखाने के लिए एक भरोसेमंद व्यक्ति की जरूरत है। 


और इंग्लैंड के खिलाफ जीत से लुइस एनरिके एरा की आदर्श शुरुआत हुई। आंद्रेस इनिएस्ता, जेरार्ड पीके और डेविड सिल्वा की रिटायरमेंट के बाद भी स्पैनिश स्क्वॉड में क्वॉलिटी की कोई कमी नहीं है।


थिएगो ने दिखाया कि वह डेविड सिल्वा की कमी पूरी कर सकते हैं। बायर्न मिडफील्डर ने पूरे गेम को खूबसूरती से कंट्रोल कर स्पेन के गेम-प्ले का टेम्पो सेट किया। मार्कोस अलोंसो ने भी लेफ्ट-बेक पोजीशन पर प्रभावित किया।वहीं डिएगो कोस्टा की जगह खेल रहे इयागो अस्पास भी रॉड्रिगो के साथ मिलकर खतरनाक दिखे।


हालांकि डिफेंस में पीके को खोना स्पेन के लिए परेशानी का सबब हो सकता है क्योंकि ला रोहा के पास उनका कोई रिप्लेसमेंट नहीं है। हालांकि सर्जियो रामोस अपनी लीडरशिप से बार्सिलोना डिफेंडर की कमी को पूरा करने का दमखम रखते हैं।


3. काफी ज्यादा है नई इंग्लैंड का पोटेंशियल  

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इंग्लैंड ने मुकाबले में अपनी वर्ल्ड कप टीम से ज्यादा बदलाव नहीं किया। गारेथ साउथगेट ने सेमी-फाइनल में खेले  11 में से 9 खिलाड़ियों को स्टार्ट दिया। इंग्लैंड ने जब पिछली बार नवम्बर 2010 में स्पेन का सामना किया था तो मेजबान टीम पूरी तरह अलग थी।


लेकिन साउथगेट की क्रान्ति में अब उस स्क्वॉड के 23 में से सिर्फ 8 खिलाड़ी नई इंग्लैंड टीम में मौजूद हैं। जो हार्ट, गैरी केहिल, जेमी वार्डी, थियो वॉलकॉट, जैक विल्शर और वेन रूनी जैसे प्लेयर्स को जॉन स्टोंस, जेसी लिंगार्ड, हैरी केन, जॉर्डन हेंडरसन और डैले अली ने रिप्लेस किया है।


स्पेन की टेक्निकल मिडफ़ील्ड के सामने इंग्लैंड को भले ही फीकी पड़ गई हो लेकिन थ्री-लायंस ने दिखाया कि वे धीरे-धीरे खुद को एक महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहे हैं और अनुभव के साथ और भी बेहतर होते जाएंगे। हालांकि सेंट्रल-मिडफ़ील्ड में उन्हें एक क्रिएटिव प्लेयर की जरुरत है।