आपने हमारी वेबसाइट पर पिछले कुछ दिनों में UEFA नेशंस लीग के बारे में काफी सुना होगा। इसके मुकाबलों की शुरुआत आज से होने जा रही है। तो आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्या है UEFA नेशंस लीग और क्यों  आपको इसे फॉलो करना चाहिए?


ये UEFA नेशंस लीग क्या है भाई?

UEFA ने इसकी परिभाषा में कहा है: 'एक नया नेशनल टीम कम्पटीशन जो फ्रेंडली और कम्पटीटिव मुकाबलों को रिप्लेस करता है और सभी देशों को अपने बराबरी की टीमों के ख़िलाफ खेलने का अवसर देता है।'


बीबीसी के मुताबिक 'यह एक नया इंटरनेशनल टूर्नामेंट है जिसमें यूरोपियन देश लीग फॉर्मेट में एक-दूसरे से कम्पीट करेंगे।'


विकिपीडिया हमें बताता है कि 'यह द्विवार्षिक इंटरनेशनल असोसिएशंस फुटबॉल कम्पटीशन है जिसमें UEFA के असोसिएशन मेंबर्स की सीनियर मेंस नेशनल टीमें हिस्सा लेंगी।'

 

आम भाषा में कहें तो UEFA नेशंस लीग एक ऐसी कोशिश है जिसके जरिए अर्थहीन इंटरनेशनल फ्रेंडली मुकाबलों  को हटाकर इंटरनेशनल फुटबॉल का स्टैंडर्ड और कम्पटीटिवनेस बढ़ाने की कोशिश की गई है।


कैसे काम करता है यह टूर्नामेंट?


यह असल में आकंड़ों का खेल है। UEFA  की इस लीग में कुल 55 देश हिस्सा लेंगे जिनको उनकी 2018 फीफा वर्ल्ड कप क्वॉलिफायर्स की UEFA रैंकिंग के हिसाब से 4 लीग में बांटा गया है। उन 4 लीग्स के बाद एक बार फिर से टीमों को ग्रुप्स में बांटा गया है जिसमें 4 या फिर 3 टीम हैं।


इसके पीछे आइडिया यह है कि बराबरी की टीमें एक दूसरे से भिड़ें यानी कि फ्रांस बनाम लक्सम्बर्ग जैसे फ़ालतू मैचों की बजाय आपको फ्रांस बनाम जर्मनी का मुकाबला देखने मिलेगा। चीज़ें आसान हैं और इसे तस्वीरों से समझना और भी ज्यादा आसान है।

लीग/ ग्रुप डिवीजन


लीग A (3 टीमों के 4 ग्रुप्स): जर्मनी, पुर्तगाल, बेल्ज़ियम, स्पेन, फ्रांस, इंग्लैंड, स्विटज़रलैंड, इटली, पोलैंड, आइसलैंड, क्रोएशिया, नीदरलैंड्स


लीग B (3 टीमों के 4 ग्रुप्स): ऑस्ट्रिया, वेल्स, रूस, स्लोवाकिया, स्वीडन, यूक्रेन, रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड, बोस्निया एंड हर्जेगोविना, नॉर्थर्न आयरलैंड, डेनमार्क, चेक रिपब्लिक, टर्की


लीग C (3 टीमों का 1 ग्रुप, 4 टीमों के 3 ग्रुप): हंगरी, रोमानिया, स्कॉटलैंड, स्लोवेनिया, ग्रीस, सर्बिया, अल्बानिया, नार्वे, मोंटेनेग्रो, इजरायल, बुल्गारिया, फिनलैंड, साइप्रस, एस्टोनिया, लिथुआनिया


लीग D (4 टीमों के 4 ग्रुप): अजरबैजान, FYR मैसेडोनिया, बेलारूस, जॉर्जिया, अर्मेनिया, लाटविया, फैरो आइसलैंड, लक्जमबर्ग, कज़ाकिस्तान, मोलोडोवा, लिकटेंस्टीन, माल्टा, एंडोर्रा, कोसोवो, सैन मरीनो, जिब्राल्टर


नेशंस लीग के लिए तारीखें

ग्रुप स्टेज की शुरुआत आज यानी कि 6 सितंबर 2018 से होगी। कजाकिस्तान और जॉर्जिया इंटरनेशनल फुटबॉल के नए एरा की शुरुआत करेंगे। जर्मनी बनाम फ्रांस (रात 00:15 बजे IST) ओपनिंग डे का बड़ा मुकाबला है।


20 नवंबर 2018 को इसका अंत होगा जब सभी टीमें होम और अवे में एक-दूसरे से खेल लेंगी। फिर जून में लीग में गर्मी आएगी। टूर्नामेंट का फाइनल स्टेज 5 से 9 जून 2019 तक खेला जाएगा। इसमें लीग A,B,C और D के ग्रुप विनर्स एक दूसरे से वन लेग्ड सेमी-फाइनल में भिड़ेंगे जो फाइनल द्वारा फॉलो किया जाएगा।


इन चारों टीमों में से जो विजेता बनेगा उसे नेशंस लीग चैंपियन घोषित किया जाएगा। फाइनल फोर टूर्नामेंट उन्हीं सालों में होगा जिस साल वर्ल्ड कप या फिर कोई यूरोपियन चैंपियनशिप ना हो और उस साल एक नेशंस लीग विनर होगा।


क्या थर्ड-प्लेस प्ले ऑफ भी होगा? 


जी हां, बिलकुल। 


प्रमोशन और रेलेगेशन का क्या ?


UEFA इस कम्पटीशन के लिए क्लब लेवल के टूर्नामेंट से प्रेरणा ले रहा है। इसलिए उन्होंने लीग सिस्टम के तर्ज पर प्रमोशन और रेलेगेशन को अडॉप्ट किया है। प्रत्येक लीग से 4 टीमों को प्रमोट किया जाएगा तो वहीं बॉटम की 4 टीमें रेलेगेट हो जाएंगी। प्रमोट हुई टीमें टूर्नामेंट के पहले साल के बाद आने वाले एडिशन में अपने नए लेवल पर खेलेंगी। लीग A में चारों ग्रुप्स के विनर फाइनल फोर कम्प्टीशन के लिए क्वॉलिफाई करेंगे।


यानी कि जो भी टीम अपने ग्रुप के सबसे निचले पायदान पर रहेगी, वो अपने से नीचे वाली लीग में रेलेगेट हो जाएगी और उन्हें वो देश रिप्लेस करेगा जिसने निचले ग्रुप के टॉप पर फिनिश किया था।


मतलब अगर इंग्लैंड, आइसलैंड, पोलैंड और नीदरलैंड्स लीग A में अपने ग्रुप में सबसे नीचे फिनिश करते हैं तो 2020 में उन्हें लीग B में धकेल दिया जाएगा। अगर स्लोवाकिया, रूस, ऑस्ट्रिया, वेल्स अपनी लीग में टॉप करते हैं तो उन्हें लीग A में प्रमोशन मिलेगा। आसान है ना?


क्या टूर्नामेंट का किसी यूरोपियन चैंपियनशिप से क्रॉस-ओवर होगा?


नहीं, टाइमलाइन तो साफ है। 

सितम्बर-नवंबर 2018: UEFA नेशंस लीग ग्रुप स्टेज

मार्च 2019: यूरोपियन चैंपियनशिप के क्वॉलिफायर्स की शुरुआत 

जून 2019: UEFA नेशंस लीग फाइनल्स 

नवंबर 2019: यूरोपियन चैंपियनशिप क्वॉलिफायर्स का अंत 

मार्च 2020: यूरो 2020 क्वॉलिफिकेशन प्ले-ऑफ 

जून-जुलाई 2020: यूरो 2020 फाइनल्स 


लीग A


ग्रुप 1: जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड्स

ग्रुप 2: बेल्ज़ियम, स्विटजरलैंड, आइसलैंड

ग्रुप 3: पुर्तगाल, इटली, पोलैंड

ग्रुप 4: स्पेन, इंग्लैंड, क्रोएशिया


लीग B


ग्रुप 1: स्लोवाकिया, यूक्रेन, चेक रिपब्लिक

ग्रुप 2: रूस, स्वीडन, टर्की

ग्रुप 3: ऑस्ट्रिया, बोस्निया एंड हर्जेगोविना, नॉर्थर्न आयरलैंड

ग्रुप 4: वेल्स, रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड, डेनमार्क


लीग C:


ग्रुप 1: स्कॉटलैंड, अल्बानिया, इजरायल

ग्रुप 2: हंगरी, ग्रीस, फिनलैंड, एस्टोनिया

ग्रुप 3: स्लोवेनिया, नॉर्वे, बुल्गारिया, साइप्रस

ग्रुप 4: रोमानिया, सर्बिया, मोटेंनेग्रो, लिथुआनिया


लीग D:


ग्रुप 1: जॉर्जिया, लाटविया, कजाकिस्तान, एंडोर्रा

ग्रुप 2: बेलारूस, लक्जमबर्ग, मोलडोवा, सैन मरीनो

ग्रुप 3: अजरबैजान, फरो आइसलैंड, माल्टा, कोसोवो

ग्रुप 4: FYR मैसडोनिया, अर्मेनिया, लिकटेंस्टीन, जिब्राल्टर