दूसरी बार ​फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वॉलिफाई करने वाली अफ्रीकन टीम सेनेगल टूर्नामेंट के 21वें एडिशन में मंगलवार को पोलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।


ग्रुप-एच का यह मुकाबला मॉस्को के स्पार्टक स्टेडियम में होगा। सेनेगल की 16 साल बाद तो पोलैंड की 12 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी हुई है।

सेनेगल इससे पहले सिर्फ 2002 में वर्ल्ड कप में खेला था और फुटबॉल जगत को हैरान करते हुए क्वॉर्टर-फाइनल तक का सफर तय किया था। अपने पहले मैच में उसने डिफेंडिंग चैंपियन फ्रांस को 1-0 से मात देकर सनसनी फैला दी थी।


कोच एलियोउ सिसे की टीम इस बार भी मैदान पर उस सफलता को दोहराने और उससे आगे निकलने के मकसद से उतरेगी। हलांकि सिसे की नेगेटिव टैक्टिस को लेकर काफ़ी आलोचना भी की गई है।


सेनेगल के पास एक मजबूत टीम है जिसमें डिफेंस में कालिदोउ कुलिबाली, मिडफ़ील्ड में इद्रिसा गेये व बादोउ एनडियाए और अटैक में सादियो माने और केइटा बाल्डे हैं। लेकिन सिसे अपने प्लेयर्स के अटैकिंग पोटेंशियल का इस्तेमाल करने में असफल रहे हैं।


वहीं पोलैंड ऐसी टीम है जिसने छह बार वर्ल्ड कप के लिए क्वॉलिफाई किया है और चार बार ग्रुप स्टेज को पार करने में सफलता हासिल की है। रॉबर्ट लेवांडोस्की पोलैंड की नींव हैं जिनपर पूरी टीम निर्भर है।


हालांकि कोच एडम नवाल्का नहीं चाहेंगे कि टीम सिर्फ लेवांडोस्की के बल पर ही खेले। उन्होंने बकायदा अपनी टीम को इस स्टार खिलाड़ी की परछाई से निकालने के प्रयास किए हैं।

पोलैंड ने अपने 10 क्वॉलिफायर्स मुकाबलों में आठ जीते थे और प्रति गेम 2.8 गोल्स स्कोर किया था। रॉबर्ट लेवांडोव्स्की वर्ल्ड के सबसे लीथल स्ट्राइकर्स में से एक हैं और अर्कादिउसज़ मिलिक से उन्हें शानदार सपोर्ट मिलेगा।


हालांकि पोलैंड का डिफेंस काफी कमज़ोर है। उन्होंने क्वॉलिफाइंग में 14 गोल्स कंसीड किए थे, जिसके बाद कोच एडम ने टीम का फॉर्मेशन बैक-थ्री में स्विच किया था।


संभावित XI:


पोलैंड (3-4-1-2): शेज़्नी, पिस्चेक, ग्लिक, राइबस, लिनेटी, क्रिकोव्याक, ज़ीलीन्स्की, पाज़दान, ब्लास्जिकोव्स्की, मिलिक, लेवांडोव्स्की 


सेनेगल (4-3-3): खादिम, म्बोदजी, सबाली, कुलिबाली, सिस, कुयाटे, गेये, एनडियाए, माने, बाल्डे, सोव