प्रीमियर लीग 2017-18: मैचवीक-2 से निकलने वाले 6 निष्कर्ष

MANCHESTER, ENGLAND - AUGUST 21: Fans watch on as Wayne Rooney of Everton celebrates after scoring his sides first goal during the Premier League match between Manchester City and Everton at Etihad Stadium on August 21, 2017 in Manchester, England.  (Photo by Michael Regan/Getty Images)

​प्रीमियर लीग के दूसरे मैचवीक की शुरुआत लिबर्टी स्टेडियम में मैनचेस्टर यूनाइटेड की स्वांसी सिटी पर 4-0 की जीत से हुई। सादियो माने ने लिवरपूल की फ़्रस्टेशन को दूर करते हुए रेड्स को पैलेस पर जीत दिलाई।


स्टोक की नई साइनिंग हेसे ने गोल दागकर आर्सनल की नैया डुबाई और स्पर्स का वेम्ब्ले में खराब रिकॉर्ड जारी रहा। वहीं एवर्टन ने मैनचेस्टर सिटी से ड्रॉ खेलने में सफलता पाई।


अन्य मुकाबलों में चार्ली ऑस्टिन के स्टॉपेज टाइम विनर ने वेस्ट हैम का दिल तोड़ा, वहीं लेस्टर ने ब्राइटन पर आसान जीत दर्ज की। वेस्ट ब्रोम के रॉबसन कानु गोल करने के बाद रेड कार्ड खा बैठे वहीं आरोन मूय के शानदार गोल की मदद से हडर्सफील्ड ने जीत का क्रम जारी रखा।


आइए नज़र डालते हैं प्रीमियर लीग के मैचवीक-2 से निकलने वाले 6 निष्कर्ष पर...

6. पोचेटिनो को रखना होगा धैर्य

टॉटेन्हम का वेम्ब्ले में खराब फॉर्म इस हफ्ते भी जारी रहा और चैंपियंस चेल्सी से उन्हें 2-1 की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। हालांकि मैच को स्पर्स ने पूरी तरह से डोमिनेट किया और इस मैच में उनके पास करीब 70 प्रतिशत पजेशन था। चैंपियंस चेल्सी की तुलना में स्पर्स ने डबल मौके भी बनाए।


मैच में स्पर्स के प्लेमेकर क्रिस्चियन एरिक्सन शार्प लगे और उनकी ही एक डिलीवरी से स्पर्स को गोल भी मिला।स्पर्स की परफॉरमेंस से यह साफ़ था कि उनकी टीम में कोई कमी नहीं थी बल्कि उनकी हार सिर्फ चेल्सी के अच्छे टैक्टिकल प्लान की वजह से हुई थी। पोचेटिनो को इस हार से निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें हर हफ्ते चेल्सी से नहीं भिड़ना होगा।


हालांकि स्पर्स को अभी भी वेम्ब्ले में खेलने से आ रही मानसिक परेशानी से उबरना है और रविवार को बर्नली के खिलाफ मैच जीतकर वे अपना कॉन्फिडेंस हासिल कर सकते हैं।

5. सादियो माने का बढ़ता कद

फिलिपे कुटीनियो की गैरमौजूदगी में सादियो माने ने एक बार फिर दिखाया कि लिवरपूल का अटैक कुटीनियो के न होने से कमज़ोर नहीं होगा। सेनेगल इंटरनेशनल ने क्रिस्टल पैलेस के खिलाफ सेकंड हाफ में विनिंग गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिलाई।


हालांकि मैनेजर यर्गन क्लौप्प ने गोल सेलिब्रेट नहीं किया और टीम की जीत के बाद अपने खिलाड़ियों को गेम में बेहतर प्रेसिंग और शार्पनेस लाने की सलाह दी। क्लौप्प ने माने के बारे में कहा, "मैं सीजन की शुरुआत में ही अपने प्लेयर के गुणगान नहीं करूंगा लेकिन सादियो एक इम्पोर्टेन्ट प्लेयर हैं।


सभी देख सकते हैं कि वह गेम बदल सकते हैं और यह अच्छी बात है। वह अभी भी इम्प्रूव कर सकते हैं और सभी का मानना है कि वह मैदान में तेज़ हैं। लेकिन वह मैदान में ही नहीं बल्कि दिमाग से भी काफी तेज़ हैं और शार्प  माइंड का होना स्किल के होने से ज्यादा जरुरी है।"

4. आर्सनल को महसूस हुई सांचेज़ की कमी

स्टोक सिटी के खिलाफ मिली हार में गनर्स के पास लम्बे वक्त तक पजेशन था और फाइनल थर्ड में टीम ने अच्छा कॉम्बिनेशन प्ले भी दिखाया। डैन्नी वेलबैक की पेस हमेशा थ्रेट रही लेकिन इसके बावजूद आर्सनल की टीम स्टोक के डिफेंस को पूरी तरह से टेस्ट नहीं कर पाई। टीम के अटैक में पैनापन नज़र नहीं आया और उन्हें अपने स्टार खिलाड़ी एलेक्सिस सांचेज़ की कमी महसूस हुई।


चिली इंटरनेशनल न सिर्क टेक्निकल रूप से सक्षम हैं बल्कि मैदान में उनका वर्क रेट भी अधिक होता है। वह अपनी दृढ़ता और अग्रेसिव खेल से किसी भी बैक लाइन को तोड़ने का दमखम रखते हैं और आर्सनल का अटैक उनके बिना अधूरा नज़र आता है।


हालांकि उनके भविष्य को लेकर काफी अटकलें लगाईं जा रहीं हैं और उनके मैनचेस्टर सिटी से जुड़ने की अच्छी संभावना है। लेकिन आर्सनल का उन्हें बेचना एक बड़ी भूल होगी और स्टोक के खिलाफ मिली हार इसका संकेत थी।

3. वेम्ब्ले में जीत के बाद कौंटे करेंगे बोर्ड से नए खिलाड़ियों की मांग

​पिछले वीकेंड बर्नली से मिली हार के बाद एंटोनियो कौंटे पर काफी दबाव आ गया था। चेल्सी के प्लेयर्स का मैनेजर के खिलाफ विद्रोह करने का इतिहास रहा है और इस समर क्लब में काफी टेंशन का माहौल रहा है।


हालांकि स्पर्स के खिलाफ वेम्ब्ले में जीत में चेल्सी टीम की सारी क्वॉलिटीज़ नज़र आईं और यह साफ़ नज़र आया कि प्लेयर्स अपने मैनेजर पर पूरा भरोसा करते हैं। कौंटे की टीम मैदान में अग्रेसिव, इफेक्टिव और जुझारू नज़र आई और इन सभी क्वॉलिटीज़ ने उन्हें जीतने में मदद की।


मैनेजर का टैक्टिकल प्लान शानदार रहा और खिलाड़ियों ने इसे मैदान में खूबसूरती से इम्प्लीमेंट किया। हालांकि जीत के बाद कौंटे ने बोर्ड को फिर याद दिलाया कि उन्हें स्क्वॉड में नए खिलाड़ियों की जरूरत है और ट्रांसफर विंडो के बंद होने में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। कौंटे ने कहा, "मैं जानता हूं कि क्लब ट्रांसफर मार्केट में स्क्वॉड को इम्प्रूव करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहा है।"


कौंटे का यह स्टेटमेंट क्लब के रिक्रूटमेंट डिपार्टमेंट के हेड्स मरीना ग्रानोव्स्काया और माइकल एमेनालो को दी हुई चेतावनी थी कि वे जल्द से जल्द डैन्नी ड्रिंकवॉटर, रॉस बार्कले, एलेक्स ऑक्सलेड-चेम्बर्लेन, एंटोनियो कैंड्रेवा और वर्जिल वेन डाइक की साइनिंग को पूरा करें। अगर वे ऐसा करने में असफल होते हैं तो मैनेजर और बोर्ड के बीच टेंशन और भी बढ़ सकती है।

2. मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए 4-0 है नया 1-1

​पिछले सीजन प्रीमियर लीग में मैनचेस्टर यूनाइटेड 25 गेम अनबीटन रहा था, लेकिन इन मुकाबलों में रेड डेविल्स ने 12 ड्रॉ खेले थे। टीम ने सिर्फ ओल्ड ट्रैफर्ड में 10 मुकाबले ड्रॉ खेले थे जो 1980-81 के डेव सेक्सटन एरा के बाद से सबसे खराब रेकॉर्ड था।


टीम ने वेस्ट हैम, बर्नली, स्वांसी जैसी मिड टेबल टीम्स के खिलाफ ये ड्रॉ खेले थे। हालांकि टीम ने काफी मौके बनाये थे लेकिन खराब फिनिशिंग के चलते अधिकतर मुकाबले 1-1 के ड्रॉ में खत्म हुए थे और रेड डेविल्स ने छठवें पोजीशन पर फिनिश किया था।


हालांकि इस सीजन यूनाइटेड की टीम में ऐसी कोई परेशानी नज़र नहीं आती। वेस्ट हैम के ख़िलाफ 4-0 की शानदार जीत से टीम ने प्रीमियर लीग का धमाकेदार आगाज़ किया था और टीम के गेम को देखते हुए पंडितों ने यूनाइटेड को टाइटल कंटेंडर्स भी कहा था।


और स्वांसी के खिलाफ टीम को अपने फुल गियर तक आने में 80 मिनट लगे लेकिन चार मिनट के अंतराल में तीन गोल्स दागकर उन्होंने एक बार फिर 4-0 की जीत दर्ज की। यूनाइटेड के गेम में वह किलर इंस्टिंक्ट नज़र आई जो पिछले सीजन मौजूद नहीं थी। और टीम इस सीजन 1-1 से ड्रॉ रहे मुकाबलों को 4-0 की जीत में बदलते नज़र आ रही है।

6 / 6

1. वेन रूनी - नाम ही काफी है

​प्रीमियर लीग में इस सीजन खेले दो मैचों में रूनी ने दो गोल्स दागकर अपने एवर्टन करियर की शानदार शुरुआत की है। पिछले सीजन हफ्ते में एक गेम खेलने के लिए स्ट्रगल कर रहे रूनी, अब एक हफ्ते में तीन गेम्स खेल रहे हैं और मैच में अंतर पैदा कर रहे हैं।


पिछले हफ्ते रूनी का गोल शानदार हैडर से आया था और इस हफ्ते उन्होंने मैनचेस्टर सिटी के खिलाफ एक खूबसूरत फर्स्ट टाइम फिनिश से गोल दागा। स्काई ब्लूज रूनी के खिलाफ यह रूनी का 12वां गोल था और इस गोल का इम्पैक्ट 2011 में मैनचेस्टर यूनाइटेड शर्ट में दागी गई ओवरहेड किक के बाद सबसे अधिक था।


रूनी, जो खत्म हो गए थे, जिनका गेम ढल गया था, जो ऐसे खिलाड़ी हो चुके थे जिन्हें फर्स्ट टीम में जगह नहीं मिल पा रही थी - इस समर यूनाइटेड से एवर्टन अपने गोल्डन करियर का अंत औसत फुटबॉल खेलकर करने वाले थे।


लेकिन यह क्या, वह अब वापस एक गेम चेंजर बन चुके हैं। सिटी के ख़िलाफ गोल उनका 200वां प्रीमियर लीग गोल था और अब वह प्रीमियर लीग में सबसे ज्यादा गोल दागने की लिस्ट में सिर्फ एलन शिएरर से पीछे हैं।


उन्होंने स्टोक के खिलाफ गोल दागकर एवर्टन को जीत दिलाई थी और सिटी के खिलाफ अपनी टीम को ड्रॉ हासिल कराने में सफलता पाई। जब उन्हें मैच के अंतिम मिनट में सब्स्टीट्यूट किया गया तो एतिहाद के हर कोने से दर्शकों ने उन्हें 'बू' किया लेकिन रूनी के कानों के लिए तो यह एक सुकून देने वाला संगीत था।

6 / 6